वैज्ञानिकों ने हजारों एक्सोप्लैनेट खोज लिए हैं लेकिन अभी तक ब्रह्मांड में धरती ही एकमात्र ऐसी जगह है किसीकि ऐसी संतुलित रचना अभी तक किसी और ग्रह पर नहीं मिली.

Ye ek ai generated image hai jo aapki kal ko dikha rhi hai
Dharti ke ander ki part

क्रस्ट (ऊपरी परत), मैंटल और कोर (भीतरी भाग). क्रस्ट की मोटाई कहीं-कहीं सिर्फ कुछ किलोमीटर से लेकर लगभग 70 किलोमीटर तक है, यानी जिस ज़मीन पर शहर खड़े हैं वह ब्रह्मांड के हिसाब से बहुत ही पतली परत है।

Is dharti ka doctor aap ho ise swasth rakhna aapki jimmedari hai

एक्सोप्लैनेट्स के वायुमंडल पर चल रहे ताज़ा अध्ययन दिखाते हैं. भले ही कुछ पर पानी या बादलों के संकेत दिखे हों।. घूमती हुई धरती. बनता हुआ समयधरती अपनी धुरी पर लगभग 24 घंटे में एक चक्कर लगाती है इसी से दिन और रात बनते हैं।

Yeh ek satelite image hai

यह घुमाव बिल्कुल स्थिर नहीं. समय के साथ बहुत सूक्ष्म बदलाव आते हैं, इसलिए वैज्ञानिक समय-समय पर “लीप सेकंड” जोड़कर आधिकारिक समय को धरती के घुमाव के साथ संतुलित करते हैं. अंतरिक्ष से धरती कैसी दिखती है?NASA के अनुसार अंतरिक्ष से धरती नीले, सफेद और भूरे रंगों का एक जीवंत मिश्रण दिखती है नीला पानी, सफेद बादल और भू-भाग की अलग-अलग बनावट।

अंतरिक्ष यात्री इसे “पेल ब्लू डॉट” यानी एक छोटा, नीला बिंदु कहते हैं, जो याद दिलाता है कि पूरा मानव इतिहास इसी छोटे से ग्रह पर सिमटा हुआ है।

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