“अरावली: भारत की सबसे प्राचीन सांसें पत्थरों में बसा इतिहास —

Aravali: Bharat Ki Sabse Prachin Saans

आर्कियन युग: आधार की नींवयह युग 4 से 2.5 अरब वर्ष पूर्व का है, जब भिलवाड़ा ग्नाइसिक कॉम्प्लेक्स जैसी चट्टानें बनीं, जो अरावली का सबसे प्राचीन आधार हैं। लगभग 3.3-3.2 अरब वर्ष पूर्व ग्रेनिटिक मैग्मा से नई क्रस्ट बनी, जो क्रेटनाइजेशन की शुरुआत थी।

प्रोटेरोजोइक युग: उभार की कहानीप्रोटेरोजोइक (2.5 अरब से 541 मिलियन वर्ष पूर्व) में अरावली सुपरग्रुप का जन्म हुआ, जिसमें 2 अरब वर्ष पूर्व समुद्री तल पर गैलिना जैसी चट्टानें जमा हुईं

मुख्य ओरोजेनी (वलन प्रक्रिया) 1.8 अरब वर्ष पूर्व बंडेलखंड और मारवाड़ क्रेटॉन की टक्कर से हुई, जो पैलियोप्रोटेरोजोइक (2.2-1.8 अरब वर्ष) तक चली। विकास की निरंतरताइसके बाद अपरदन ने इसे पहाड़ियों में बदल दिया, लेकिन चट्टानें प्रीकैंब्रियन (4500 मिलियन वर्ष पूर्व से) इतिहास की गवाही देती हैं। यह हिमालय से कहीं पुरानी, पृथ्वी की सबसे प्राचीन भू-आकृति है।